सड़क और पुल बहे, 13 गांवों का संपर्क कटा

सड़क और पुल बहे, 13 गांवों का संपर्क कटा

hys_adm | February 7, 2021 | 0 | देश-दुनिया , नया-ताजा , पर्यावरण , पहाड़ की बात

चमोली जिले की नीति घाटी के तपोवन क्षेत्र में रविवार सुबह ग्लेशियर टूटने से ऋषिगंगा नदी पर बाढ़ आ गई। इसमें ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट तथा तपोवन पावर प्रोजेक्ट बह जाने से जानमाल सहित तपोवन क्षेत्र मे परिसंपत्तियों को भारी नुकसान हुआ है।

सूचना मिलने पर जिला प्रशासन ने तत्काल नदी तट के इलाकों में अलर्ट जारी किया। जिला प्रशासन की ओर से नदी तट क्षेत्र के इलाकों को खाली कराया गया। मौके पर जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, आर्मी सहित स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। रैणी के निकट नीति घाटी को जोड़ने वाला पुल बह गया है। इससे लगभग 12-13 गांवों का संपर्क टूट गया है। इसमें गहर, भंग्यूल, रैणी पल्ली, पैंग, लाता, सुराईथोटा, तोलमा, फगरासु आदि गांव शामिल हैं। रैणी में जुगजू का झूला पुल, जुवाग्वाड-सतधार झूलापुल, भग्यूल-तपोवन झूलापुल तथा पैंग मुरण्डा पुल बह गया है। रैंणी में शिवजी और जुगजू में मां भगवती मंदिर भी आपदा की भेंट चढ़ गए। चमोली जिला प्रशासन के अनुसार, ग्लेशियर टूटने से जब बाढ़ आई उस समय ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट में लगभग 33 लोग काम कर रहे थे। वहीं तपोवन पावर प्रोजेक्ट में 178 वर्कर थे। हालांकि रविवार होने के कारण कम लोग ही काम पर थे। खबर लिखे जाने तक 25 लोगों को सही सलामत रेस्क्यू किया गया था। इसमें 12 तपोवन से और 13 रैणी से रेस्क्यू हुए हैं। अभी तक 8 शव भी रिकवर हुए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। लगभग 154 लोग लापता बताए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिह रावत ने रैणी और तपोवन में आपदा प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने टनल में फसे लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाने को कहा। रैणी में आपदा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए कहा कि हमारी कोशिश रहेगी, जो लोग सडक संपर्क टूटने से फंस गए हैं, उन तक जल्द से जल्द मदद पहुंचायी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जरूरत की पूर्ति करने की पूरी व्यवस्था हमारे पास है। सरकार का पूरा ध्यान जिनका जीवन बचा सकते हैं, उनकी ओर है। इस दौरान जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, एसपी यशवंत सिंह चौहान भी मौके पर मौजूद थे। देर शाम डीजीपी अशोक कुमार ने भी आपदा प्रभावित क्षेत्र तपोवन का निरीक्षण किया।

जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के मार्ग निर्देशन पर घटना स्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। यहां पाकलैंड मशीन, एक्सावेटर और जेसीबी मशीन लगाकर टनल से मलवा हटाने का काम कर रही है। जिलाधिकारी ने संपर्क मार्ग टूटने के कारण फंसे लोगों तक शीघ्र रसद एवं जरूरी सामना पहुंचाने हेतु व्यवस्था कराई है। जिला प्रशासन द्वारा मौके पर सभी जरूरी व्यवस्थाओं के साथ फूड पैकेट, पानी आदि पूरी व्ववस्था की गई है। जिला प्रशासन की पूरी टीम मौके पर मौजूद है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जोशीमठ तपोवन में आपदा से जिन 13 गांवों से संपर्क टूट गया है, जिला प्रशासन के द्वारा यहां पर हैलीकॉप्टर से राशन के पैकेट ड्राप कराए जाएंगे। इसके लिए राशन के पैकेट तैयार किए जा रहे हैं। यहां संयुक्त रेस्क्यू लगातार जारी है।

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